कौन हैं जॉन कब्रियाकू?
जॉन कब्रियाकू एक पूर्व सीआईए अधिकारी हैं जिन्होंने 1990 से 2004 तक एजेंसी में काम किया। 2002 में उन्होंने अबू जुबायदा को पकड़ने वाली ऑपरेशन की अगुवाई की। बाद में जुबायदा के रिमांड के दौरान एजेंसी ने जल-सुखाने जैसी पूछताछ तकनीकें अपनाईं, जिनके बारे में कब्रियाकू ने सार्वजनिक रूप से बातें कीं।
उन्होंने 2007 में एक टीवी इंटरव्यू में सीआईए की पूछताछ नीतियों पर खुलकर बताया। 2012 में न्याय विभाग ने उन पर आरोप लगाए कि उन्होंने एक गुप्त ऑपरेटर का नाम पत्रकारों को बताया था। कब्रियाकू ने आरोप मान लिए और उन्हें सजा हुई। वे 2013 में जेल गए और 2015 में रिहा हुए।
क्यों वे फिर से सुर्खियों में हैं?
कब्रियाकू ने अब राष्ट्रपति की तरफ से क्षमा पाने के लिए बहुत कोशिश की है। उनका मकसद नाम साफ कराना और दशक भर की जमा पेंशन वापस पाना है। वह कहते हैं कि उनके पास संघीय सेवा के 20 साल हैं और उनका पेंशन का दावा 700,000 डॉलर था। बिना पेंशन के उन्हें काम करते रहना पड़ेगा, इसलिए वे पाडर्न चाहते हैं।
सरकारी रास्ता और निजी रास्ते दोनों अपनाए
- आधिकारिक आवेदन के साथ उन्होंने पाडर्न की मांग की है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला।
- 2018 में उन्होंने एक पूर्व ट्रम्प सलाहकार को पाडर्न के लिए 50,000 डॉलर दिए और कहा गया था कि और 50,000 डॉलर दिए जाएँगे अगर काम बन गया।
- वह दावा करते हैं कि रुदी जुलियानी ने उनसे दो मिलियन डॉलर की मांग करने की कोशिश की, जिस पर उन्होंने वहां से निकल जाने का कहा।
वायरल होना कैसे शुरू हुआ
कब्रियाकू के हाल के पोडकास्ट इंटरव्यू—जिनमें Diary of a CEO जैसे बड़े शो भी शामिल हैं—से छोटे-छोटे क्लिप बनकर टिकटॉक और इंस्टाग्राम रील्स पर जमकर घूमने लगे। इन क्लिप्स में वे अपनी एजेंसी की कहानियाँ और विदेश में इंटेलिजेंस के किस्से बताते दिखते हैं।
युवा दर्शक इन्हें छोटे एडिट्स में पसंद कर रहे हैं। कुछ अकाउंट्स ने इन क्लिप्स को मिलाकर इतने व्यूज बनाए कि कुल मिलाकर करोड़ों बार देखा जा चुका है। एक लोकप्रिय अकाउंट को लगभग 50 मिलियन व्यूज का क्रेडिट दिया जा रहा है।
सोशल मीडिया के नतीजे
- क्रिएटिव आर्टिस्ट्स एजेंसी ने कब्रियाकू के साथ डील की है।
- कब्रियाकू अब कैमियो पर भी उपलब्ध हैं और उन्होंने प्रशंसकों के लिए करीब 700 वीडियो बनाये हैं, हर वीडियो के लिए लगभग 150 डॉलर चार्ज करते हैं।
- ये नए अवसर कब्रियाकू के शब्दों में कहें तो उन्हीं युवाओं की वजह से बने हैं जिन्होंने उन्हें इंटरनेट पर लोकप्रिय बनाया।
उनकी रणनीति: पोडकास्ट से सीधे ट्रम्प तक
कब्रियाकू की योजना यह है कि वे ऐसे पोडकास्ट और क्रिएटरों के मंचों पर जाएँ जिन्हें ट्रम्प देखते या सुनते होंगे। उन्होंने टकर कार्लसन, जो रोगन और अन्य लोकप्रिय होस्ट्स पर दिखना शुरू कर दिया है। उनका मानना है कि अगर ट्रम्प कोई पोडकास्ट देखता है तो शायद कोई एपिसोड उन्हीं का भी मिल जाए और पाडर्न पर विचार हो जाए।
राजनीतिक और कानूनी परिदृश्य
ट्रम्प प्रशासन के दौरान पाडर्न एक महँगा और प्रभावशाली व्यक्ति मिलने वाला सिलसिला भी बन गया है। जहां कुछ लोगों के लिए पाडर्न आसानी से मिल रहा है, वहीं कुछ मामलें ऐसे हैं जिनमें पाडर्न भी तुरंत समाधान नहीं बन पा रहा। उदाहरण के तौर पर कुछ राज्य स्तर के मामलों में राष्ट्रपति का अधिकार सीमित होता है।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कब्रियाकू से कहा कि राष्ट्रपति उनके मामले के बारे में जानते हैं। अधिकारी ने बताया कि यह कुछ घंटे में भी हो सकता है, कुछ महीनों में भी, या फिर कभी नहीं भी हो सकता।
डैनियल कोबिल नाम के एक लॉ प्रोफेसर ने कहा कि कब्रियाकू की मीडिया रणनीति एक पुराने तरीके का नया रूप है। नए रूप में बड़े दर्शक वर्ग बनाकर वे ऐसी प्रतिक्रियाएँ पैदा कर रहे हैं जो निर्णय लेने वालों के लिए मायने रख सकती हैं।
आगे क्या?
कब्रियाकू अपनी मीडिया गतिविधियाँ बढ़ा रहे हैं और आगे भी लोकप्रिय होस्ट्स के शो पर जाने का इरादा रखते हैं। वे उम्मीद करते हैं कि सोशल मीडिया और पोडकास्ट क्लिप्स का यह सिलसिला आखिरकार ट्रम्प तक पहुँचने में मदद कर सकता है।
यह आलेख वर्तमान घटनाओं पर आधारित है और घटनाओं की क्रमशः सटीक जानकारी पर जोर देता है।