क्यों ट्रम्प इतने बरबस लगे?
एक बयान पर नज़र डालिए: ट्रम्प ने सुप्रीम सोशल पर सुप्रीम कोर्ट को कह दिया "a weaponized, and unjust Political Organization". और फिर बोले कि यह कोर्ट हमारे संस्थापकों की मंशा के बिलकुल विपरीत है।
थोड़ा बैकग्राउंड, सरल भाषा में
सच यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले कई फैसलों में ट्रम्प के लिए रास्ता बनाया था। उन फ़ैसलों ने मदद की:
- कुछ राज्यों के प्रयासों को रोका ताकि ट्रम्प 2024 के बैलेट से बाहर न हों।
- राष्ट्रपति की व्यापक रक्षा यानी immunity को बड़ा आकार दिया, जिससे स्पेशल काउंसल की कठोरतम मुक़दमों पर असर पड़ा।
- कई बार प्रशासन को स्वतंत्र एजेंसियों पर अधिक नियंत्रण देने के फैसले दिये।
- काँग्रेस द्वारा स्वीकृत खर्चों को एकतरफा घटाने की कुल कोशिशों को सम्भव बनाया।
तो हाँ, कोर्ट ने अक्सर ट्रम्प के काम आना ही था। पर 20 फरवरी के टैरिफ फैसले ने उनका मूड बदल दिया। यह वह फैसला था जिसने ट्रम्प के बिना-रोक-टोक टैरिफ लगाने के अधिकार को ठुकराया। तभी से वे लगातार हाई कोर्ट पर बरस रहे हैं।
क्या ट्रम्प असल में गुस्से में हैं या रणनीति बना रहे हैं?
उनका गुस्सा केवल कोर्ट पर सीमित नहीं है। उन्होंने मीडिया को बेकार कहा, FCC के अध्यक्ष के उसके खिलाफ कदम को सराहा जो बुरा समाचार दिखाने वाली ब्रॉडकास्ट लाइसेंस को हटाने की धमकी दे रहे थे, और फेडरल रिजर्व की स्वतंत्र दरों के फैसलों पर अफसोस जताया।
टैरिफ फैसले पर उनका कहना है कि यह व्यक्तिगत अपमान जैसा है। उन्होंने बार-बार अपने पोस्ट में कोर्ट को घेरा और पुराने मामलों का हवाला दिया, लेकिन कई दावे तथ्यों से मेल नहीं खाते। कोर्ट ने वास्तव में उनके वैकल्पिक तरीके को मंजूरी नहीं दी और कई साल पहले भी कुछ मामलों में उनकी बातों को ठीक वैसा समर्थन नहीं दिया गया जैसा वे बताते हैं।
खुद उन्होंने एक जगह लिखा कि यह बयान भविष्य में उनके लिए समस्याएँ पैदा करेगा, पर फिर भी उन्होंने सच बोलने का दावा किया।
किस चीज़ ने उनकी समस्याएँ और बढ़ाईं?
- इज़राइल-ईरान के आस-पास की घटनाओं ने बाजार हिलाये और ईंधन की कीमतें बढ़ीं।
- कुछ अमेरिकी सैनिकों की मृत्यु ने सार्वजनिक सहमति घटाई और लंबी लड़ाई की उम्मीदों पर सवाल खड़े करे।
- जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी कुछ जानकारियों को दबाने की कोशिशों पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान गया और कांग्रेस ने विस्तृत समीक्षा शुरू कर दी।
- MAGA गठबंधन में दरारें आईं; कुछ प्रमुख समर्थक अलग दिखे और अंदरुनी आरोप-प्रत्यारोप सामने आए।
- उनकी चुनाव-नियम बदलने और रीडिस्ट्रीक्टिंग की कोशिशें फिलहाल असफल दिखती हैं।
न्याय विभाग और न्यायालयों के साथ परिणाम
ट्रम्प के न्याय विभाग के कुछ मामलों में असफलता भी रही। वे कुछ बड़े नामों के खिलाफ मुक़दमों में सफल नहीं हुए। और हाल ही में एक संघीय न्यायाधीश ने फेड चेयर जेरोम पॉवेल के खिलाफ एक ग्रैंड जूरी समन को खारिज कर दिया। उस निर्णय ने प्रशासन की उस कोशिश पर कड़ी टिप्पणी की कि वह पॉवेल को दवाब में लाकर ब्याज दरें जल्दी घटवाए।
जज बोआसबर्ग और ट्रम्प की लड़ाई
यह झगड़ा नया नहीं है। ट्रम्प का निजी ठेस जज जेम्स बोआसबर्ग के खिलाफ 2023 से शुरू हुआ, जब बोआसबर्ग ने स्पेशल काउंसल की गवाहियों की मांगों के पक्ष में निर्णय दिया था। बाद में बोआसबर्ग ने कुछ अप्रत्याशित निर्गमों को रोका, जैसे कुछ वेनेज़ुएला के पुरुषों की अचानक निर्वासन प्रक्रिया को रोकना।
ट्रम्प ने बोआसबर्ग के विरुद्ध तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया और उन्हें तरह-तरह के उपाधियों से नवाज़ा। उन्होंने कहा कि ऐसे जजों को कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना चाहिए।
निष्कर्ष — क्या यह सभी चीजें ट्रम्प के लिए खतरा हैं?
संक्षेप में, ट्रम्प कई मोर्चों पर दबाव महसूस कर रहे हैं। कोर्ट, न्याय विभाग, बाजार, और अपने ही गठबंधन के भीतर चुनौतियाँ आ रही हैं। उनकी प्रतिक्रिया अक्सर सार्वजनिक गुस्से और सोशल मीडिया पोस्ट की शक्ल में आती है। कुछ मामलों में अदालतों ने उन्हें बचाया है; कुछ मामलों में अदालतों ने उन्हें रोक दिया है। और अभी उनकी नाराज़गी ज़ाहिर है कि वे हर हार को व्यक्तिगत समझते हैं।
यहाँ कोई अंतिम फैसला नहीं है, पर इतना स्पष्ट है कि यह समय ट्रम्प के लिए सरल नहीं है।