महोदय वोल्फ ने कहा, इतिहास दोहराने की संभावना कम है
मर्सिडीज के टीम प्रमुख टोटो वोल्फ ने साफ कहा है कि अगर इस सीजन में जॉर्ज रसेल और किमी अंटोनेली किसी कारण से चैम्पियनशिप के लिए भिड़ते हैं तो "कोहनी लग सकती है", पर वह दोबारा लुईस हैमिल्टन और निको रोसबर्ग जैसी जंग नहीं चाहतीं और न ही होने देने की उम्मीद रखतीं।
हैमिल्टन-रोसबर्ग का पिछला मसला क्या था
हैमिल्टन और रोसबर्ग दोनों 2013 में मर्सिडीज में साथ आए थे। दोनों की दोस्ती कार्टिंग के दिनों से थी और तब लोग इसे दो पुराने साथी मिलकर एक टीम को मजबूत बनाने जैसा मान रहे थे।
लेकिन 2014 में हाइब्रिड यूनिट्स के बाद मर्सिडीज के पलड़ा भारी होने से चीजें बदलने लगीं। 2014 और 2015 में हैमिल्टन ने खिताब जीते, और उनके रिश्ते में खटास आनी शुरू हुई। फिर 2016 में रोसबर्ग ने वापसी करके खिताब जीता और उसी के बाद उन्होंने रेसिंग से संन्यास ले लिया।
अब की जोड़ी: रसेल बनाम अंटोनेली
इस सीजन के नए नियमों के साथ मर्सिडीज फिर से शीर्ष टीम के रूप में उभरी है। शुरुआती दो रेसों के बाद ऑस्ट्रेलिया और चीन में जीत बाँटने के कारण रसेल और अंटोनेली के बीच सिर्फ एक पॉइंट का अंतर है।
वोल्फ क्या कह रहे हैं
- भेदभाव: वोल्फ ने दो स्थितियों को अलग कर दिया। उन्होंने कहा कि हैमिल्टन और रोसबर्ग की समस्या उनकी पुरानी दोस्ती और व्यक्तिगत इतिहास से जुड़ी थी।
- प्रकृति: वोल्फ ने याद दिलाया कि ड्राइवर जीतने के लिए बनाए जाते हैं, इसलिए मुकाबला तीखा होगा और टीम को उसे संभालना होगा।
- जूनियर सिस्टम: दोनों ड्राइवर मर्सिडीज जूनियर्स रहे हैं, और टीम ने उनकी ट्रेनिंग और करियर की दिशा को छोटी कक्षाओं से ही संभाला है।
- अंतिम विचार: वोल्फ का मानना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह अलग है, हालांकि उन्होंने जो कुछ कहा उसमें थोड़ा सावधानी भी झलकती है।
संक्षेप में, वोल्फ मानते हैं कि कोहनी दिख सकती है पर इतिहास का वही रोष दोहराने की संभावना कम है। टीम को बस मुकाबले की चुभन और प्रतिस्पर्धा को संतुलित करना होगा ताकि अलग तरह की टकरावपूर्ण परिस्थिति न बने।