यह कहानी तब की है जब नामी लोगों और पैसे के बीच की दूरी बहुत पतली दिखती है। पीटर अटिया, जिनकी इमेज लंबे और स्वस्थ जीवन के सलाहकार के तौर पर बनी थी, एपस्टीन फाइलों में सामने आए ईमेल्स और मुलाकातों से मुश्किल में हैं। दस्तावेज़ों के मुताबिक अटिया और एपस्टीन के बीच 2015 से 2019 के बीच कई तरह के संपर्क हुए।

क्या हुआ — संक्षेप में

डोमेस्टिक जस्टिस डिपार्टमेंट की फाइलों में कई ईमेल और बैठकों के प्रमाण हैं जिनमें ये बातें साफ दिखती हैं:

  • अटिया ने 2015 में एपस्टीन से मरीजों के संदर्भ के बारे में पूछा।
  • 2016 में अटिया ने एपस्टीन के माले के एक खाली अपार्टमेंट में ठहरने का अनुरोध किया।
  • 2017 में अटिया ने एपस्टीन से एक विदेशी मॉडल के नौकरी संदर्भ पर बात की; उसी मॉडल के बारे में एपस्टीन ने कहा, "मुझे लगता है वह वफादार रहेगी।"
  • अटिया ने एपस्टीन को मुफ्त में स्वास्थ्य सुझाव दिए और कई बार परीक्षणों की पेशकश की।
  • अटिया ने अपनी बातों में कहा है कि उन्होंने कभी गैरकानूनी व्यवहार देखा नहीं और न ही किसी नाबालिग को देखा।

रिपोर्ट और अटिया का बयान

पीटर अटिया ने पिछले महीने सार्वजनिक बयान में कहा कि वे एपस्टीन से सात या आठ बार मिले थे। अटिया के प्रवक्ता ने बाद में बताया कि दस्तावेज़ों से स्पष्ट होता है कि मुलाकातें लगभग 11 बार हुईं और ये चार साल में बंटी थीं।

अटिया का कहना है कि उन्होंने कभी भी किसी अवैध गतिविधि में भाग नहीं लिया और वे एपस्टीन के किसी रोगी नहीं थे। उनके प्रवक्ता ने यह भी कहा कि एपस्टीन से बातचीत से उनका क्लीनिक बनने में कोई निवेश, रेफरल या समर्थन नहीं आया।

कौन-कौन जुड़े और किस तरह

फाइलों के जरिए यह साफ हुआ कि अटिया का एपस्टीन के स्रोतों से जुड़ना सहज था:

  • अटिया की पहली मुलाकात एपस्टीन से एपस्टीन की सहयोगी इवाअंडरसन-डुबिन के जरिए हुई।
  • एपस्टीन ने अटिया को वैज्ञानिकों, डॉक्टरों और कभी-कभी दुनिया के नेताओं से मिलवाया।
  • अटिया ने एपस्टीन के लिए मुफ्त सलाह दी और बदले में रेफरल की उम्मीद भी जताई।
  • अटिया ने एक ऐसी ऑफिस स्पेस शेयर की जो एपस्टीन के लंबे समय के डॉक्टर में से एक के साथ जुड़ी थी। उस डॉक्टर के प्रतिनिधि का कहना है कि कोई गलत कनेक्शन नहीं था।

कई वजहों से यह बात परेशान करने वाली है

जेफ्री एपस्टीन 2008 में बाल सैनिकों के यौन शोषण के मामले में दोषी ठहराया गया था और उसे सेक्स ऑफेंडर के तौर पर पंजीकृत होना था। उसके बाद भी कई प्रभावशाली लोग उससे जुड़े रहे। हाल में जारी फाइलें डॉक्टरों की नैतिकता और फैसलों पर सवाल उठा रही हैं।

सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा है कि डॉक्टरों से अपेक्षा ऊँचा होता है क्योंकि उनके फैसले जीवन और मौत से जुड़े हो सकते हैं। एपस्टीन जैसे व्यक्तियों से जुड़ना चिकित्सा पेशे की साख को कमजोर करता है।

स्पष्ट विवाद और प्रतिक्रिया

  • 2017 में मॉडल के केस में अटिया की सबसे बड़ी चिंता उसका वीजा थी। एपस्टीन ने वीजा नवीनीकरण आसान बताया और मॉडल की वफादारी का भरोसा जताया।
  • अटिया के कुछ ईमेल हाल ही में वायरल हुए, जिनमें आपत्तिजनक और बचकानेपन वाले संदर्भ थे। अटिया ने उन्हें नाबालिगता की उपस्थिति के बिना "बेवकूफाना और क्रूड" बताया।
  • घटित प्रभाव: अटिया ने कुछ सार्वजनिक भूमिकाएं छोड़ दीं, और कई कंपनियों ने उनसे संबंध समाप्त कर लिए।

क्यों यह मायने रखता है

यह मामला सिर्फ व्यक्तिगत गलतफहमी का मुद्दा नहीं है। यह बताता है कि कैसे डॉक्टरों और स्वास्थ्य प्रभावकोंने प्रभावशाली और संदिग्ध नेटवर्क के साथ संबंध बनाए और कैसे उन संबंधों ने पेशेवर साख पर असर डाला। सार्वजनिक भरोसा तभी बना रहता है जब चिकित्सकीय निर्णय पारदर्शी और नैतिक हों।

क्या आगे हो सकता है

  • अधिक पूछताछ और दस्तावेजों की समीक्षा जारी रहने की संभावना है।
  • स्वास्थ्य संस्थान और कंपनियाँ अपने साझेदारों की जांच और नीति पर पुनर्विचार कर सकती हैं।
  • डॉक्टरों के संबंधों और नैतिक मानकों पर सार्वजनिक चर्चा तेज होगी।

अंत में, सवाल तार्किक है: कोई विशेषज्ञ जब ऐसे लोगों के साथ समय बिताएगा तो उसके पेशेवर निर्णयों और साख पर असर क्यों न पड़े? इस कहानी ने यही बड़ा प्रश्न फिर से उठा दिया है।