मुद्दा संक्षेप में
2022 में शुरू हुई एक स्पेशल काउंसल की जांच ने काश पटेल के व्यक्तिगत और डिजिटल रिकॉर्डों के लिए व्यापक अनुरोध भेजे थे। इन अनुरोधों में दो साल से ज्यादा की फोन रिकॉर्डिंग जानकारी, टेक्स्ट मैसेज के मेटाडेटा और बैंक-सम्बंधी जानकारियां शामिल थीं। यह जानकारी ग्रैंड जूरी सबपीनों और नॉनडिसक्लोजर आदेशों से मिली, जिन्हें समाचार एजेंसी ने देखा।
कौन कर रहा था यह जांच और क्यों
यह सबपीनाज पूर्व स्पेशल काउंसल जैक स्मिथ की टीम ने Verizon को जारी किए थे। यह जांच व्यापक तौर पर यह पता लगाने की थी कि क्या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2020 के चुनाव में हस्तक्षेप किया या मार-ए-लैगो में संवेदनशील दस्तावेज़ छिपाए थे।
क्या-क्या मांगा गया
- फोन कॉल और टेक्स्ट के रिकॉर्ड (संदेश या कॉल की सामग्री नहीं, सिर्फ मेटाडेटा जैसे समय और अवधि)
- ऑनलाइन उपयोगकर्ता नाम और ईमेल-या-मेलिंग पते
- बिलिंग और IP पते
- बैंक अकाउंट संबंधी जानकारी
- सब्सक्राइबर की पहचान और सत्र के समय से जुड़ी जानकारी
दस्तावेज़ों में दिखा कि एक सबपीनो में अवधि 1 जनवरी 2021 से 23 नवंबर 2023 तक की मांगी गई थी, जबकि दूसरे में 1 अक्टूबर 2020 से 22 फरवरी 2023 तक के रिकॉर्ड शामिल थे।
कितनी स्पष्ट हैं आरोपें?
रिपोर्ट कहती है कि स्मिथ की टीम द्वारा पटेल के खिलाफ क्या विशेष आरोप थे, यह साफ नहीं है। कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने इन दस्तावेज़ों को सार्वजनिक अनुमति दी है ताकि आने वाली सबकमिटी सुनवाई से पहले संदर्भ उपलब्ध हो। उस सुनवाई का फोकस स्मिथ की जांच पर है, जिसका कोड नाम Arctic Frost रखा गया था।
प्रतिक्रियाएँ और कानूनी कदम
एक नॉनडिसक्लोजर आदेश 30 नवंबर 2022 को जारी किया गया, जिसमें कोर्ट ने कहा कि खुलासा होने पर अभियोजन से बचने, साक्ष्य नष्ट करने, गवाहों को धमकाने और जांच को खतरा होने की "वाजिब वजहें" हैं।
एफबीआई के पूर्व नेतृत्व के एक प्रवक्ता ने कहा कि दस्तावेज़ यह दिखाते हैं कि उस समय स्मिथ और एफबीआई ने अनुचित काम किए। स्मिथ के प्रवक्ता ने तुरंत टिप्पणी नहीं की, लेकिन पहले कांग्रेस को बताया था कि उनकी टीम नारोध में अवरोध के संभावित मामलों पर चिंता जताती थी और उन्होंने कहा कि कार्यालय ने न्याय विभाग की नीतियों और कानूनी आवश्यकताओं का पालन किया।
कांग्रेसी डेमोक्रैट्स ने स्मिथ का बचाव किया और कहा कि फोन रिकॉर्ड और अन्य सबूत मांगना किसी भी जांच में सामान्य बात है, खासकर जब आरोपी उच्च पदों पर हों।
अन्य जानकारी
- रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया जा सका कि Verizon ने सबपीनों का पालन किया या नहीं, और अगर किया तो उस जानकारी का कैसे इस्तेमाल हुआ।
- पूर्व एफबीआई निदेशक का कोई जवाब रिपोर्ट में शामिल नहीं था।
- संसद में जांच कर रहे रिपब्लिकन सांसद चार्ल्स ग्रासले ने कहा कि Arctic Frost की जांच में "जितना अधिक खोदा गया, उतना अधिक मिला"।
- पटेल ने 2022 में कहा था कि ट्रम्प ने दस्तावेज़ों को डीक्लासीफाई कर दिया था, लेकिन अभियोजक इस दावे का खंडन करते रहे और ट्रम्प की वकील टीम ने वह दलील अदालत में पेश नहीं की।
- पटेल को उसी साल ग्रैंड जूरी के समक्ष बुलाया गया था, जहां उन्हें सीमित इम्युनिटी दी गई थी।
कुल मिलाकर, नए दस्तावेज़ बताते हैं कि पटेल के रिकॉर्डों के लिए की गई मांगें पहले रिपोर्ट की तुलना में काफी विस्तृत थीं। पर कई सवाल खुले ही बने हैं, जैसे कि सबपीनों का अनुपालन हुआ या नहीं और जांच से संबंधित अंतिम निष्कर्ष क्या रहे।