सीजन की शुरुआत बेहद कठिन रही
फर्नांडो अलोंसो और अस्तोन मार्टिन से जुड़े हर व्यक्ति के लिए नया फार्मूला 1 सीजन अब तक लगभग पूरी तरह निराशाजनक साबित हुआ है। नई तकनीकी व्यवस्था और होंडा के साथ साझेदारी से जो बड़े सपने देखे गए थे, वे कुछ ही हफ्तों में बिखर गए।
जापानी निर्माता होंडा की पावर यूनिट से जुड़ी समस्याओं ने अलोंसो को उनके 23वें सत्र की सबसे खराब शुरुआत दिलाई है। ऑस्ट्रेलिया और चीन में उन्हें रेस बीच में छोड़नी पड़ी, जबकि जापान में पिछली रेस में वे 18वें स्थान पर रहे।
33वीं जीत की तलाश और भी दूर
दो बार के विश्व चैंपियन अलोंसो की 33वीं ग्रां प्री जीत का इंतजार अब और लंबा लगता है। उनकी पिछली जीत को 13 साल हो चुके हैं। 44 वर्ष की उम्र में भी उनकी गति और प्रतिभा पर कोई संदेह नहीं है। सच कहें तो, अगर उन्हें कहीं अधिक प्रतिस्पर्धी कार मिलती, तो उनके नतीजे शायद आज भी उनकी प्रतिष्ठा के अनुरूप होते।
लेकिन एक और बात भी है। अलोंसो हाल ही में पिता बने हैं। उम्र और जीवन की प्राथमिकताएं कभी-कभी यह याद दिला देती हैं कि ट्रैक के बाहर भी समय मांगने वाली चीजें होती हैं।
क्या अब समय आ गया है?
अगर अस्तोन मार्टिन इस सीजन में प्रतिस्पर्धा में वापसी नहीं कर पाती, तो क्या अलोंसो को आखिरकार करियर को यहीं विराम दे देना चाहिए? यही सवाल अब चर्चा में है।
इस मुद्दे पर राय बंटी हुई रहेगी, क्योंकि यह अलोंसो हैं। वे रफ्तार नहीं भूले हैं, और टीम की स्थिति ने शायद उन्हें नुकसान पहुंचाया है। लेकिन मोटरस्पोर्ट का यह भी नियम है कि धैर्य की भी एक सीमा होती है, भले ही वह सीमा किसी दो बार के विश्व चैंपियन पर लागू करनी पड़े।



