अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के प्रमुख ने चेतावनी दी है कि हाल का ऊर्जा संकट पुराने रिकॉर्ड तोड़ रहा है और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है।
IEA क्या कह रहा है
IEA के कार्यकारी निदेशक फातिह बियोल ने ऑस्ट्रेलिया में एक मीडिया कार्यक्रम में कहा कि जो ऊर्जा संकट अब दिखाई दे रहा है, वह 1973 और 1979 के तेल झटकों और रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद हुए गैस संकट को मिलाकर भी उससे बड़ा है।
उनके प्रमुख बिंदु थे:
- हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के प्रभाव और ऊर्जा सुविधाओं पर हमलों की वजह से वैश्विक तेल आपूर्ति में करीब 11 मिलियन बैरल प्रति दिन की कमी आ गई है।
- तरलित प्राकृतिक गैस या LNG की आपूर्ति में लगभग 140 बिलियन क्यूबिक मीटर की कमी आई है। उस तुलना में 2022 के बाद का शॉर्टफॉल करीब 75 बिलियन क्यूबिक मीटर था।
- कम से कम 40 ऊर्जा सुविधाएँ नौ देशों में गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुई हैं।
बियोल का अंदाजा
बियोल ने कहा, "यह संकट, जैसा कि हालात हैं, अब दो तेल संकट और एक गैस धक्का एक साथ मिलकर बन गया है।" वे यह भी कह रहे हैं कि दुनिया की नीति निर्धारकों ने समस्या की गहराई को सही तरह नहीं समझा था, इसलिए उन्होंने सार्वजनिक रूप से बोलना जरूरी समझा।
IEA की सिफारिशें और विकल्प
पेरिस स्थित IEA ने इस महीने आपात स्टॉकपाइल से 400 मिलियन बैरल तेल जारी करने के समन्वय की योजना पहले ही घोषित की थी। साथ ही एजेंसी ने सरकारों को कुछ शॉर्ट-टर्म उपाय सुझाए हैं जिनसे खपत कम की जा सकती है:
- दूर से काम करने की सुविधाओं को बढ़ावा देना
- कारपूलिंग को प्रोत्साहित करना
- ऑटोमोटिव मार्गों पर गति सीमाएँ घटाना
बियोल ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे अलग-अलग देशों से और रणनीतिक तेल भंडार जारी करने पर बातचीत कर रहे हैं, लेकिन उनका मानना है कि इस संकट का "सबसे महत्वपूर्ण समाधान" हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य की आवाजाही को फिर से खुलवाना है। यह जलमार्ग आम तौर पर वैश्विक तेल और LNG आपूर्ति का लगभग एक-पांचवा हिस्सा वहन करता है।
मार्केट और भू-राजनीति
युद्ध की शुरुआत के बाद से तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई है। वे संघर्ष फरवरी 28 को US-इज़राइली हवाई हमलों के साथ तेज हुए थे और इसके बाद हॉर्मुज़ पर प्रभाव पड़ा।
हाल ही में अमेरिका ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया कि वह जलडमरूमध्य को खोलें वरना उनके पावर प्लांट्स को निशाना बनाया जा सकता है। यह समयसीमा अमेरिका के स्थानीय समयानुसार सोमवार की शाम को समाप्त होने वाली थी। जवाब में ईरान ने चेतावनी दी है कि वह जलमार्ग को पूरी तरह बंद कर सकता है और क्षेत्र में ऊर्जा तथा पानी के अवसंरचना पर हमले कर सकता है, खासकर उन जहाजों के विरुद्ध जो यूएस या इज़राइल के साथ नहीं हैं।
क्यों यह गंभीर है
सरल शब्दों में: आपूर्ति में यह बड़ा व्यवधान सिर्फ ऊर्जा बाजारों तक सीमित नहीं रहेगा। यह वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं, मुद्रास्फीति और आर्थिक विकास पर व्यापक असर डाल सकता है। IEA का कहना है कि समस्या जितनी गहरी है, उतनी ही तात्कालिक कार्रवाई की जरूरत है।
निष्कर्ष: स्थिति अभी अस्थिर है और IEA स्मरण करा रहा है कि प्रशासनिक और तकनीकी उपायों के साथ साथ भू-राजनीतिक तनाव का समाधान ही दीर्घकालिक रास्ता है।