3I/Atlas पर नई उम्र-गणना
अंतरतारकीय वस्तुओं की सूची में अब तक पहचानी गई तीसरी मेहमान 3I/Atlas को लेकर एक नया अनुमान सामने आया है। ताजा अध्ययन के अनुसार यह धूमकेतु लगभग 12 अरब साल पुरानी हो सकती है। यानी आकाशगंगा, जो करीब 13 अरब साल पहले बनी थी, उससे बस थोड़ा ही कम उम्र की। ब्रह्मांड में उम्र के मामले में यह काफी प्रभावशाली है।
अगर यह आकलन सही साबित होता है, तो 3I/Atlas इतनी प्राचीन निकलेगी कि जिस तारा-तंत्र में वह बनी थी, वह शायद अब मौजूद ही न हो।
पहले का अनुमान और अब की सीमा
यह नया अध्ययन नासा के गोडार्ड स्पेस फ़्लाइट सेंटर के नेतृत्व में तैयार किया गया और फिलहाल arXiv पर उपलब्ध है, जहां शोध पहले समुदाय की समीक्षा से पहले डाले जाते हैं। इसमें रोम के पास फ़्रास्काती स्थित यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के Near-Earth Object Coordination Centre (NEOCC) ने भी भाग लिया, जो पृथ्वी के लिए खतरनाक हो सकने वाले क्षुद्रग्रहों और अन्य पिंडों पर नजर रखता है।
इससे पहले, The Astrophysical Journal Letters में प्रकाशित एक अध्ययन ने 3I/Atlas की तेज रफ्तार, लगभग 58 किलोमीटर प्रति सेकंड, के आधार पर इसकी उम्र 3 से 11 अरब साल के बीच बताई थी। वह दायरा काफी बड़ा था, यानी वैज्ञानिक भाषा में कहें तो अनुमान कम और सम्मानजनक शक ज्यादा था। नया विश्लेषण उस दायरे को पुराने सिरे की ओर धकेल देता है।
किस आधार पर बना नया अनुमान
शोधकर्ताओं ने 3I/Atlas की रासायनिक संरचना का विश्लेषण किया, खास तौर पर कार्बन और हाइड्रोजन के कुछ समस्थानिकों की मौजूदगी पर ध्यान दिया। समस्थानिक वही परमाणु होते हैं जिनमें प्रोटॉन समान रहते हैं, लेकिन न्यूट्रॉन अलग होते हैं।
इस काम में जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप के आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया, जिसे नासा, ईएसए और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी ने मिलकर संचालित किया है। इन नतीजों से संकेत मिलता है कि यह धूमकेतु हमारी आकाशगंगा के बहुत दूर के हिस्से में, और बहुत पहले, मिल्की वे के शुरुआती दौर में बनी थी।
अगर निष्कर्ष सही हुए तो
यदि ये आंकड़े सही साबित होते हैं, तो 3I/Atlas हमारी आकाशगंगा के पहले ग्रह-तंत्रों में से किसी एक की अवशेष वस्तु हो सकती है। और अगर ऐसा है, तो यह अपने साथ उस प्राचीन युग के ग्रहों और परिस्थितियों के बारे में बहुमूल्य जानकारी भी लिए हुए होगी।
यानी यह सिर्फ एक धूमकेतु नहीं, बल्कि समय की बहुत पुरानी डाक भी हो सकती है।