नाइम में रूबलेव का सीधा-सपाट अंदाज़

नाइम पहुंचे आंद्रे रूबलेव UTS के सबसे प्रतीक्षित खिलाड़ियों में से एक हैं, और उन्होंने एक बार फिर दिखा दिया कि उनके जवाब भी उनकी खेल शैली की तरह सीधे होते हैं। बातचीत के दौरान उनसे पूछा गया कि अतीत के किस चैंपियन के साथ वे खेलना चाहेंगे। जवाब? बहुत सरल: उन्हें फर्क नहीं पड़ता।

रूसी खिलाड़ी ने साफ कहा कि उनके लिए यह सवाल खास मायने नहीं रखता। उनके मुताबिक, “आप जिसे भी देंगे, मैं उसके खिलाफ खेल लूंगा।” और अगर खेलने की नौबत ही न आए, तो उनके लिए वह और भी बेहतर है। साथ में हल्की-सी हंसी भी, क्योंकि खेल जगत में थोड़ी ईमानदारी कभी-कभी स्कोरबोर्ड से ज्यादा ध्यान खींच लेती है।

सिन्नर और अल्कारेज़ पर क्या सोचते हैं रूबलेव

29वें जन्मदिन से कुछ महीने दूर खड़े रूबलेव ने पुराने और नए दौर के बीच एक रेखा खींचने की कोशिश की। इसी सिलसिले में उन्होंने जैनिक सिन्नर और कार्लोस अल्कारेज़ का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, ये खिलाड़ी लगातार टेनिस खेलते हैं, हर हफ्ते कोर्ट पर दिखते हैं, और उनकी तेजी से होती प्रगति देखने लायक है।

रूबलेव ने इस उभार को नकारात्मक नहीं, बल्कि उम्मीद देने वाला बताया। साफ शब्दों में कहें तो, जब अगली पीढ़ी इतनी तेजी से ऊपर आती दिखे, तो बाकी खिलाड़ियों के लिए भी यह याद दिलाता है कि खेल अभी खत्म नहीं हुआ है।

उनकी टिप्पणी से एक बात फिर सामने आती है: रूबलेव न तो पुराने महान खिलाड़ियों के नाम पर भावुक होते हैं, न ही नई पीढ़ी से घबराते हैं। वे बस सीधा सोचते हैं, सीधा बोलते हैं, और कोर्ट पर भी शायद उतना ही सीधे हमला करते हैं।