मैर्सिडीज ने 2026 के शुरुआती दौरों में ग्रिड के आगे बढ़कर दो बार 1-2 फिनिश दर्ज कराकर साफ संकेत दे दिया कि वे इस सीजन मजबूत शुरुआत पर हैं। पर हमेशा की तरह सफलता पर सवाल और नज़रें भी तेज हो जाती हैं।
रसेल का सख्त रुख
जॉर्ज रसेल ने अन्य टीमों पर खुलकर आलोचना की कि वे मैर्सिडीज को धीमा करने की कोशिश कर रही हैं। उनका कहना था कि टीम ने कड़ी मेहनत करके यह स्थिति बनाई है और जो बेहतर होगा वही ऊपर आना चाहिए। रसेल ने यह भी याद दिलाया कि पिछले चार साल टीम के लिए कठिन रहे, और अब वापसी होने पर लगातार ऐसे इल्जाम सही नहीं लगते, खासकर जब सिर्फ दो रेस ही पूरी हुई हों।
कौन से मुद्दे सामने आए?
- कम्प्रेशन रेशियो विवाद: नया सीज़न शुरू होने से पहले यह सबसे बड़ी खबरों में रहा और कई टीमों ने इस पर सवाल उठाए।
- FIA का निर्देश: जांच के बाद FIA ने कहा कि मैर्सिडीज को अपनी इंजन सेटिंग्स में बदलाव करना होगा और यह बदलाव 1 जून से लागू होगा।
- फ्रंट विंग की जांच: चीन के बाद मैर्सिडीज के फ्रंट विंग के असामान्य मूवमेंट पर भी सवाल उठे। टीम ने स्पष्ट किया कि यह कोई जानबूझकर काम नहीं था बल्कि अनपेक्षित समस्या थी।
भविष्य में बढ़ोतरी और खतरे
इस साल नियमों में बड़ी बदलाव हुई है इसलिए टीमों के पास विकास करने की बड़ी गुंजाइश है। पावर यूनिट निर्माताओं के लिए Additional Development and Upgrade Opportunities (ADUO) सिस्टम भी है, जिससे पीछे रहने वालों को पकड़ने का मौका मिल सकता है।
रसेल ने भी माना कि मौजूदा फायदा हमेशा के लिए नहीं है। उन्होंने कुछ विशिष्ट बिंदुओं की ओर इशारा किया:
- कुछ टीमों के कार वजन से जुड़ी चुनौतियां सामने आई हैं।
- McLaren ने अभी तक नए अपग्रेड नहीं लगाए और वे अभी बेहरैन पैकेज चला रहे हैं।
- मैर्सिडीज ने अच्छी शुरुआत की है पर आगे के महीनों में बहुत कुछ बदल सकता है।
निष्कर्ष
रसेल का संदेश साफ है: मेहनत का नतीजा मिलना चाहिए और नज़रें उठना स्वाभाविक हैं, पर हर छोटी-छोटी जाँच को विरोध करार देना सही नहीं लगता, खासकर सीज़न की शुरुआत में। फिर भी उन्होंने पारदर्शी रहे कि प्रतियोगिता लंबी है और कोई गारंटी नहीं है कि स्थिति ऐसी ही बनी रहेगी।