मॉस्को ने ऐसा प्रस्ताव रखा कि अगर अमेरिका यूक्रेन के लिए रूस से जुड़ी इंटेल बाँटना बंद कर दे तो रूस ईरान के साथ इंटेल-शेयरिंग रोकेगा, जिसमें कहा गया था कि ईरान को अमेरिकी सैन्य सुविधाओं के बिल्कुल सटीक कॉर्डिनेट भी दिए जा रहे हैं। सरल शब्दों में: तुम हमारे बारे में सुनना बंद करो, हम उनके बारे में चुप रहेंगे।
कौन क्या कहा और किससे
दो लोगों ने जिन्हें बातचीत की जानकारी है बताया कि यह प्रस्ताव रूसी दूत किरिल द्मित्रिएव ने ट्रम्प प्रशासन के प्रतिनिधियों स्टीव विटकॉफ़ और जैरेड कुश्नर से मियामी में हुई बैठक में रखा था। अमेरिका ने यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। स्रोतों को संवेदनशीलता के कारण गुमनाम रखा गया।
दमित्रिएव की प्रतिक्रिया
दमित्रिएव ने सोशल मीडिया पर इस रिपोर्ट को "फेक" कहा। फिर भी, इस तरह की पेशकश के होने की बात यूरोपीय राजनयिकों में चिंता पैदा कर रही है, क्योंकि वे मानते हैं कि मॉस्को ट्रांसअटलांटिक रिश्तों में दरार डालने की कोशिश कर रहा है।
यूरोप की चिंता और ट्रांसअटलांटिक तनाव
यूरोपीय राजनयिक इस प्रस्ताव को घृणास्पद और खतरनाक मान रहे हैं। उनका कहना है कि विटकॉफ़-दमित्रिएव की बैठकें असल में यूक्रेन के लिए शांति समझौते की दिशा में ठोस प्रगति नहीं कर रही हैं, बल्कि रूस वाशिंगटन को एक ऐसे समझौते की ओर खींचना चाहता है जिसमें यूरोप किनारे पर रह जाए।
- व्हाइट हाउस ने टिप्पणी टाल दी।
- रूसी एम्बेसी ने कोई जवाब नहीं दिया।
- एक यूरोपीय राजनयिक ने प्रस्ताव को "निंदनीय" बताया।
ईरान के साथ रूस का सहयोग और उसकी चर्चा
स्रोतों का कहना है कि रूस ने युद्ध के बाद से ईरान के साथ इंटेल और सैन्य सहयोग बढ़ाया है। रिपोर्ट्स में कहा गया कि मॉस्को ने सैटेलाइट इमेजरी और ड्रोन तकनीक जैसी चीजें साझा कीं ताकि तेज़ लक्ष्य निर्धारण में मदद मिले। क्रेमलिन ने कुछ रिपोर्टों को झूठा बताया है।
अमेरिका ने रूस के कुछ और प्रस्ताव भी खारिज किए, जिनमें से एक प्रस्ताव था कि ईरान का समृद्ध यूरेनियम रूस भेज दिया जाए। यह भी स्वीकार नहीं किया गया।
अमेरिका, यूक्रेन और इंटेल-शेयरिंग की स्थिति
अमेरिका अभी भी यूक्रेन के साथ इंटेल साझा कर रहा है, हालांकि समर्थन में कटौती हुई है। पिछले साल एक ओवल ऑफिस की बैठक के बाद साझेदारी में एक बार इंटेल साझा करना अस्थायी रूप से रोका गया था, जिससे सहयोगियों के बीच अराजक स्थिति बनी थी।
फ्रांस के राष्ट्रपति ने जनवरी में कहा था कि अब यूक्रेन के लिए दो-तिहाई सैन्य इंटेल फ्रांस दे रहा है, यह बताते हुए कुछ राजनयिक जोखिम को कम समझाने की कोशिश कर रहे हैं।
फिर भी, इंटेल-शेयरिंग अभी भी अमेरिकी समर्थन का एक महत्वपूर्ण स्तम्भ बना हुआ है, खासकर जब ट्रम्प प्रशासन ने पिछले साल से अधिकांश आर्थिक और सैनिक मदद रोक दी थी। हथियारों की आपूर्ति चल रही है लेकिन बहुत बार नाटो-नेतृत्व वाले कार्यक्रमों के जरिए है, जहाँ सहयोगी अमेरिका को भुगतान करते हैं। एयर डिफेंस जैसी महत्वपूर्ण सामग्री की आपूर्ति पर दबाव बन गया है, खासकर अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच संकट के कारण।
राजनैतिक प्रतिक्रियाएँ और संकेत
राष्ट्रपति ट्रम्प ने कुछ इंटरव्यू में संकेत दिया कि शायद रूस ईरान की मदद कर रहा है और रूस सोचता है कि अमेरिका यूक्रेन की मदद कर रहा है। उन्होंने कुछ सहयोगियों की आलोचना भी की और नौ युद्धपोत भेजने में असहमति जताई।
हाल ही में ट्रम्प प्रशासन ने रूसी तेल पर लगे कुछ प्रतिबंधों में ढील दी, जिससे यूरोपीय नेताओं में खासकर जर्मनी के नेतृत्व में चिंता और आलोचना दिखाई दी।
निष्कर्ष
संक्षेप में: रूस ने एक कारोबार जैसा प्रस्ताव रखा—आप हमारी बुराइयों पर चुप रहो, हम उनके बारे में चुप होंगे—लेकिन अमेरिका ने इन प्रस्तावों को नकार दिया। फिर भी, इस तरह की बातों ने यूरोप में चिंता बढ़ा दी है कि मिलकर काम करने की जगह शक्तियाँ अलग-थलग समझौतों की तरफ़ जा सकती हैं। इस पर अभी और निगरानी और बातचीत की जरुरत है।
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