शंघाई की एक मैकडॉनल्ड्स शॉप ने हाल ही में कुछ रोबोट कर्मचारियों को काम पर रखा है और यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। ये रोबोट ग्राहक का स्वागत करते हैं और डाइन-इन कस्टमर को टेबल तक ऑर्डर पहुंचा भी देते हैं।

क्या नया है?

इन रोबोटों को चीनी कंपनी Keenon Robotics ने बनाया है। वे मसीन-सी जैसे काउंटर के पीछे काम करते दिख रहे हैं और परिधान पर मैकडॉनल्ड्स का लाल रंग और गोल्डन आर्चेस का लोगो भी लगा हुआ है।

रोबोट किस तरह काम करते हैं

  • ह्यूमैनॉइड और सर्विस रोबोट दोनों का मिश्रण देखा जा रहा है। ह्यूमैनॉइड कस्टमर के आदेश पर प्रतिक्रिया दे सकते हैं और कुछ हद तक मानव जैसी हरकतों की नकल भी करते हैं।
  • स्वागत और सर्विंग - रोबोट ग्राहक को हैलो कहते हैं और अगर आप रेस्टोरेंट में बैठ कर खाते हैं तो आपका खाना टेबल तक पहुँचा देते हैं।
  • खाना कौन बनाता है? खाना अभी भी इंसान ही बना रहे हैं। पूरा रेस्टोरेंट ऑटोमेटेड नहीं हुआ है।

यह बदलाव कितना बड़ा है?

वर्तमान में यह तकनीक केवल सीमित परीक्षण के रूप में एक शाखा तक सिमटी हुई है। रोबोट सर्विस देने में मदद कर रहे हैं, पर किचन और कई अहम कामों में अभी भी मानवों की जरूरत बनी हुई है।

दूसरे अनुभव और चुनौतियां

दुनिया भर में कई उदाहरण मिलते हैं जहाँ रोबोटिक-परिचालन पूरी तरह काम नहीं कर पाया। कुछ प्रमुख मामले:

  • सिंगापुर की एक रेस्टोरेंट श्रृंखला Wok A.I को शाखा बंद करनी पड़ी क्योंकि असल में काम करने वाले लोगों की कमी आ गई थी। यहां तक कि जब रोबोट खाना बना भी रहे थे, तब भी मानव कर्मचारियों की जरूरत बनी रही।
  • सैन जोस, कैलिफोर्निया में एक सर्विस रोबोट खराब हो गया और टेबल्स और प्लेटें तोड़ दी जाने जैसी घटनाएं हुईं, जिससे वहां का संचालन बाधित हुआ।

इन उदाहरणों से साफ है कि रोबोट मददगार हो सकते हैं, पर पूरी तरह से इंसानों की जगह लेने के रास्ते में अभी कई व्यावहारिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां हैं।

संक्षेप में, शंघाई की यह मैकडॉनल्ड्स शाखा रोबोट सर्विस का एक रोमांचक नमूना पेश कर रही है, पर फिलहाल यह सिर्फ एक सीमित परीक्षण है न कि पूरी तरह रोबोट-चलित रेस्टोरेंट।