स्कालोनी ने इटली पर जताई हमदर्दी
अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी ने इटली की वर्ल्ड कप प्ले-ऑफ से विदाई पर अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला उन्हें “सद्दाम” कर गया है, क्योंकि यह जिस तरह हुआ, वह अन्यायपूर्ण था और उसे स्वीकार करना एक मुश्किल सच है।
इटली मंगलवार को बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में प्ले-ऑफ फाइनल हार गया। इसके साथ ही वह लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करने में नाकाम रहा। हां, फुटबॉल में लगातार निराशा भी कभी-कभी स्थायी पहचान की तरह पेश होने लगती है।
“यह भाई जैसा देश है”
जाम्बिया पर 5-0 की दोस्ताना जीत के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्कालोनी ने कहा कि इटली की स्थिति उन्हें निजी तौर पर भी प्रभावित करती है। उनके मुताबिक:
- उनके इतालवी रिश्तेदार हैं
- इटली, अर्जेंटीना के लिए एक “भाई जैसा देश” है
- वह देश अर्जेंटीना के लिए गहरा स्नेह रखता है
- इटली एक विश्व शक्ति है, इसलिए उसका टूर्नामेंट में न होना अर्जेंटाइनों को अच्छा नहीं लगता
स्कालोनी ने यह भी कहा कि समस्या सिर्फ बाहर होने की नहीं है, बल्कि इस बात की भी है कि यह सब किस तरह हुआ। उनके शब्दों में, यह एक “कड़वी सच्चाई” है।
ग्रुप्स और आगे की तस्वीर
अर्जेंटीना मौजूदा विश्व चैंपियन है और उसे टूर्नामेंट के ग्रुप J में अल्जीरिया, ऑस्ट्रिया और जॉर्डन के साथ रखा गया है।
दूसरी ओर, बोस्निया और हर्जेगोविना ने इटली की जगह वर्ल्ड कप प्ले-ऑफ में जगह बनाई और अब वे ग्रुप B में कतर, कनाडा और स्विट्ज़रलैंड के साथ खेलेंगे।
इटली में नेतृत्व पर दबाव
इटली में इस हार का असर मैदान से आगे भी दिख रहा है। FIGC अध्यक्ष गाब्रिएले ग्राविना पर काफी दबाव है। खेल मंत्री ने इटालियन फुटबॉल संघ के नेतृत्व में बड़े बदलाव की मांग की है, जो व्यावहारिक रूप से ग्राविना के इस्तीफे की ओर इशारा करता है।