अभी हाल की घटनाओं में वॉशिंगटन ने स्ट्रेट ऑफ होरमज़ में शिपिंग लाइन के पास ईरानी नौकाओं और ड्रोन पर हमले करने के लिए कम ऊँचाई पर उड़ने वाले विमान और अपाचे हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। यह अभियान उसी समय शुरू हुआ जब डोनाल्ड ट्रम्प ने इज़राइल से कहा कि वह ईरानी प्राकृतिक गैस के इंफ्रास्ट्रक्चर पर ऐसे हमले दोहराए नहीं।
क्या हुआ
कई अहम विकास एक साथ सामने आए हैं और स्थिति तेज़ी से बदल रही है। मुख्य बिंदु संक्षेप में:
- अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होरमज़ में जहाजों और ड्रोन पर निशाना बनाने के लिए A-10 वॉर्थॉग विमान और AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टर तैनात किए।
- ईरान ने कुछ जहाजों को संकीर्ण जलमार्ग से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी है; कुछ टैंकरों ने लारक द्वीप के पास से होकर जाना चुना।
- इज़राइल ने साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर हमला किया। नेतन्याहू ने कहा कि यह कार्रवाई इज़राइल ने अकेले की और ट्रम्प ने उनसे ऐसे हमले रोकने को कहा था।
- रॉयटर्स व अन्य रिपोर्टों के अनुसार, कुछ जहाजों ने ईरान को सुरक्षित पास के लिए भुगतान भी किया है।
सेन्य कार्रवाई का स्वरूप
जनरल डैन केन ने कहा:
“A-10 वॉर्थॉग अब दक्षिणी मोर्चे पर लड़ाई में है और स्ट्रेट्स ऑफ होरमज़ में तेज़ आक्रमणकारी जलयान को ढूंढकर नष्ट कर रही है। इसके अतिरिक्त अपाचे हेलीकॉप्टर भी दक्षिणी मोर्चे में शामिल हो गए हैं और वे वहाँ सक्रिय हैं।”
सरल भाषा में, अमेरिकी हवाई और हेलीकॉप्टर इकाइयाँ उन छोटी, तेज़ पानी वाली नौकाओं और ड्रोन को निशाना बना रही हैं जो शिपिंग लेन के आसपास खतरा पैदा कर सकती हैं।
जहाजों का नया रूट और 'सुरक्षित पास'
इस हफ्ते कई जहाजों ने पारंपरिक दक्षिणी मार्ग छोड़कर लारक द्वीप के उत्तर की ओर से गुजरना चुना। विश्लेषकों का मानना है कि ये जहाज़ ईरान के साथ समन्वय कर सुरक्षित मार्ग तय कर रहे हैं।
- Lloyd’s List Intelligence के अनुसार कम से कम नौ जहाजों ने इस नई सुरंग का इस्तेमाल किया।
- रिपोर्ट्स में कहा गया है कि एक टैंकर ऑपरेटर ने सुरक्षित गुजरने के लिए लगभग 2 मिलियन डॉलर का भुगतान किया, पर यह स्पष्ट नहीं है कि किस कंपनी ने भुगतान किया।
- ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर की नौसेना और बंदरगाह अधिकारी लारक पर विजुअल पुष्टि कर रहे हैं कि कौन-सी नौकाएँ गुजर रही हैं।
क्षेत्रीय और वैश्विक प्रतिक्रियाएँ
इस बहु-आयामी संघर्ष का असर सिर्फ स्थानीय नहीं रहा। कुछ प्रमुख प्रतिक्रियाएँ:
- सऊदी अरब ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखा रखा है और कहा कि तेहरान के साथ भरोसा टूट चुका है।
- ईरान ने साउथ पार्स पर हुए हमले के बाद कतार और सऊदी अरब पर क्षेपणास्त्र दागे और खाड़ी में तेल व गैस लक्ष्यों पर हमले की धमकी दी।
- तेल की कीमतें उछल गईं; ब्रेंट क्रूड की कीमत अभी भी ऊँची बनी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय चिंता और कानूनी सवाल
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने संकेत दिया है कि ऊर्जा ढांचे पर हमले युद्ध अपराधों के दायरे में आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर ऊर्जा इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले हुए हैं तो उन्हें लेकर उचित आधार हो सकता है कि वे युद्ध अपराध माने जाएँ।
घटनाओं से नागरिक हताहतियों की संख्या बढ़ रही है, और यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय में जवाबदेही और कानून का सवाल तेज़ी से उठ रहा है।
कहाँ तक पहुँची स्थिति
- युद्ध की शुरुआत के बाद से संघर्ष देश और पड़ोसी क्षेत्रों तक फैल चुका है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर हुआ है।
- अमेरिका और इज़राइल के प्रारम्भिक हमलों के बाद से हफ़्तों में यह युद्ध गहराया है और हजारों लोग मारे गए हैं।
निष्कर्ष
संक्षेप में, स्ट्रेट ऑफ होरमज़ में समुद्री यातायात और ऊर्जा वितरण के मुद्दे अब सीधे सैन्य उत्पादकता और राजनैतिक फैसलों से जुड़ गए हैं। अमेरिका ने जलडमरूमध्य को खोलने के लिए सैन्य कदम उठाए। वहीं कुछ जहाज ईरान के साथ समन्वय कर के नए रूट और भुगतान के जरिए निकलने की कोशिश कर रहे हैं।
परिस्थिति अभी भी अस्थिर है और आगे का किसी एक पक्ष तक सीमित नहीं है। अंतरराष्ट्रीय दबाव, आर्थिक प्रभाव और मानवीय लागत मिलकर यह तय करेंगे कि यह संकट किस दिशा में जाता है।