कुछ रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि CPUs भी अब मेमोरी चिप्स जैसी आपूर्ति समस्या का सामना कर रहे हैं। यह आरोप कम-से-कम दो गेमिंग पीसी निर्माता और एक प्रमुख एशियाई अखबार ने उठाया है। संक्षेप में - मांग बढ़ी है, कीमतें ऊपर जा रही हैं, और कुछ मॉडल पर तो बढ़ोतरी काफी तेज़ हो सकती है।

क्या हो रहा है?

Nikkei Asia की रिपोर्ट के अनुसार PC और सर्वर CPU मार्केट में सप्लाई क्रंच आया हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि औसतन कीमतों में 10% से 15% की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, और कुछ खास मॉडल तो इससे भी ज्यादा महंगे हो गए हैं।

किस तरह की चिप्स प्रभावित हैं?

  • मिड-रेंज x86 चिप्स - Asus की सिस्टम बिजनेस GM जोस लियाओ के अनुसार सबसे ज्यादा असर मिड-रेंज चिप्स पर दिख रहा है। वह कहते हैं कि पब्लिकेशन से बातचीत में Intel ने प्रोडक्शन को हाई-एंड चिप्स की तरफ झुकाया है, जिसका अर्थ मिड-रेंज उत्पादों में कमी है।
  • उच्च मांग वाले मॉडल - कुछ स्पेशिफिक CPU मॉडल की कीमतें औसत से कहीं अधिक बढ़ रही हैं।

कौन कारण बता रहा है?

सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है - आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उससे जुड़ा बढ़ता कंप्यूटिंग डिमांड। रिपोर्ट में Intel के हवाले से भी कहा गया है कि ग्राहक सूचित किए गए हैं कि कुछ उत्पादों की कीमतों में समायोजन किया जाएगा, जिससे यह परिलक्षित होता है कि मांग लगातार बनी हुई है और घटक व सामग्री लागत बढ़ रही हैं।

तकनीकी कारणों पर भी नजर डालें तो Intel को अपनी फैब्स में यील्ड से जुड़ी दिक्कतों का सामना है, जबकि AMD को अपने पार्टनर TSMC की उत्पादन क्षमता की सीमा ने बांधा हुआ है। सरल भाषा में - दोनों बड़े खिलाड़ी किसी न किसी तरह की सीमा का सामना कर रहे हैं।

बाजार में एक अजीब मोड़

यहाँ एक दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में Intel ने दो नए Arrow Lake Plus डेस्कटॉप CPUs लॉन्च किए हैं - Intel Core Ultra 7 270K Plus और Intel Core Ultra 5 250K Plus। इनकी लॉन्च कीमतें क्रमशः $299 और $199 रखी गई हैं, जो कि अपेक्षाकृत कम मानी जा रही हैं।

यह विरोधाभास दर्शाता है कि ऑफिशियल MSRP और वास्तविक रिटेल प्राइस में फर्क आ सकता है - यानी दुकानों पर यह देखा जाना बाकी है कि ये चिप्स कितने समय तक इन कीमतों पर मिलेंगे।

क्या देखें और कब?

  • गेमिंग पीसी बिल्डर और सर्वर मेकर सप्लाई के प्रभाव को सबसे तेज़ महसूस करेंगे।
  • रिटेल प्राइस और स्टॉक को नियमित रूप से मॉनिटर करें - MSRP स्टेबल रहना जरूरी नहीं है।
  • AI-फोकस्ड मांग अगर और बढ़ी तो और भी मॉडल प्रभावित हो सकते हैं।

निष्कर्ष यह है कि फिलहाल संकेत मिल रहे हैं कि CPU सप्लाई पर दबाव है और कीमतों में उछाल संभव है। पर वास्तविक असर कितने लंबे समय तक रहेगा और रोजमर्रा के रिटेल पर क्या असर पड़ेगा - यह आने वाले हफ्तों और महीनों में साफ़ होगा।