राजनीति
क्या इरान की कूटनीतिक पकड़ युद्ध शुरू होने के समय से मजबूत हुई है?
ट्रम्प ने ‘‘उत्पादक’’ वार्ता की बात की, तेहरान ने खारिज किया। पर पर्दे के पीछे अनौपचारिक चैनल और हॉर्मुज का दबाव ईरान की स्थिति मज़बूत कर सकता है। फिर भी रोया-गला दूर है और कोई आसान समझौता नहीं दिखता।