दबाव से गुजरकर निकला एक स्थायी खिलाड़ी
Aurélien Tchouaméni के लिए यह सफर बिल्कुल आसान नहीं रहा। Rouen में 2000 में जन्मे इस फ्रांसीसी मिडफील्डर ने संशय, बाहरी शोर और Bernabéu की वह खास किस्म की बेचैनी झेली, जहां धैर्य बहुत जल्द खत्म हो जाता है और सीटी उससे भी पहले। एक दौर ऐसा भी आया जब उन्हें हूटिंग का सामना करना पड़ा, खासकर तब जब चीजें बिल्कुल अपने खिलाफ जाती दिख रही थीं।
लेकिन ट्चुआमेनी ने रास्ता बदलने के बजाय उसी पर टिके रहना चुना। उन्होंने सिर झुकाया, काम किया और अपने खेल को जवाब बनने दिया। आज नतीजा साफ है। 2028 तक के अनुबंध के साथ वह Real Madrid परियोजना के ऐसे बुनियादी हिस्से बन चुके हैं, जिन्हें अब टीम के बाहर सोच पाना लगभग असंगत लगता है, भले ही यूरोप के बड़े क्लब लगातार उन पर नजर रखते हों।
आंकड़े जो बहुत कुछ समझाते हैं
इस सीजन में ट्चुआमेनी की भूमिका सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित नहीं रही। उनके खाते में अभी तक दो गोल और Champions League में दो MVP पुरस्कार हैं, लेकिन असली कहानी उन संख्याओं में है जो टीम की संरचना को संभालती हैं। वे इस स्क्वाड में नियंत्रण और संतुलन के सबसे बड़े प्रतीक बन गए हैं।
आँकड़े भी यही कहते हैं, बिना किसी अतिरिक्त नाटकीयता के।
- Liga में 26 मैचों में 1,426 सफल पास
- 91.41 प्रतिशत पास सफलता
- Champions League में 12 मैचों में 600 सफल पास
- यूरोपीय प्रतियोगिता में 92 प्रतिशत सफलता
Real Madrid की मौजूदा टीम में उनसे ज्यादा सफल पास किसी और के नहीं हैं, न लीग में और न ही यूरोप में। इस स्तर की सटीकता यह याद दिलाती है कि कभी-कभी मिडफील्डर का सबसे बड़ा काम शोर मचाना नहीं, बल्कि खेल को ठीक दिशा में चलता रखना होता है।
ज़िदान ने संकेत पहले पढ़ लिया था
ट्चुआमेनी की कहानी का एक अहम अध्याय Zinédine Zidane से जुड़ता है। Real Madrid में अपने दौर के दौरान ज़िदान ने उनके नाम को भविष्य की बड़ी संभावना के रूप में पहले ही चिन्हित कर लिया था, जब ट्चुआमेनी अभी Girondins de Bordeaux में अपने शुरुआती कदम ही रख रहे थे। तब उनका विकास जारी था, लेकिन प्रतिभा पहले से दिखने लगी थी।
बाद में AS Monaco में उनका खेल और निखरा। वहीं उन्होंने अपनी शैली को परखा, शारीरिक मौजूदगी बढ़ाई और खुद को यूरोप के सबसे आशाजनक मिडफील्डरों में स्थापित किया। Real Madrid ने तब उन पर लगभग 80 मिलियन यूरो खर्च किए। उस समय बहस हुई थी। आज वह बहस ज्यादातर चुप हो चुकी है, जो फुटबॉल में अक्सर सबसे ईमानदार स्वीकारोक्ति होती है।
अलग-अलग कोच, एक ही भरोसा
Real Madrid में आने के बाद उनका विकास लगातार ऊपर गया और हर कोच ने उनके भीतर एक उपयोगी, भरोसेमंद और अनुकूलनीय खिलाड़ी देखा।
- Carlo Ancelotti के लिए वे मिडफील्ड का जरूरी संतुलन थे
- Xabi Alonso ने उनके इर्द-गिर्द अपने खेल की रूपरेखा बनाई
- Arbeloa के साथ उन्होंने निर्माण चरण में भी अधिक हिस्सेदारी ली और आक्रामक क्षेत्र में भी अपनी उपस्थिति बढ़ाई, बिना रक्षात्मक अनुशासन छोड़े
यानी ट्चुआमेनी सिर्फ एक रक्षात्मक मिडफील्डर नहीं रहे। उन्होंने अपनी भूमिका का दायरा बढ़ाया है और फिर भी वही भरोसेमंद आधार बने हुए हैं, जिस पर बाकी ढांचा टिकता है।
फ्रांस के लिए भी उतने ही अहम
Didier Deschamps की फ्रांस टीम में भी वह अब स्थायी नाम हैं। हाल ही में Brazil के खिलाफ उनका प्रदर्शन इसका ताज़ा सबूत बना। उन्होंने 32 में से 30 पास पूरे किए, तीन interceptions कीं, दो गेंदें छीनीं और प्रतिद्वंद्वी आधे हिस्से में 90 प्रतिशत सटीकता के साथ खेल पर नियंत्रण बनाए रखा।
उसी मैच में उन्होंने उस चाल की शुरुआत भी की, जो Kylian Mbappé के वासलीन गोल तक पहुंची। मिडफील्ड में की गई वह recovery ट्चुआमेनी की खेल समझ का एक साफ नमूना थी। वे अब उन खिलाड़ियों में हैं जो सिर्फ पास नहीं देते, बल्कि पूरे हमले की दिशा तय करते हैं।
और शायद यही वजह है कि जिन पर कभी सवाल उठते थे, अब वही टीम की सबसे भरोसेमंद संरचनाओं में गिने जाते हैं। फुटबॉल में इससे ज्यादा सुविधाजनक खामोशी शायद ही कोई हो।