क्या हुआ
आज सुबह यूरोपीय संसद की सांसद इलारिया सालिस ने बताया कि रोम के अपने होटल के कमरे में दो पुलिस अधिकारी अचानक दिखाई दिए और एक निवारक जांच करने की बात कही। सालिस ने खुद को तुरंत पहचानाया, फिर भी अधिकारी करीब एक घंटे तक वहीं रुके और बाद में चले गए।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
- Angelo Bonelli और Nicola Fratoianni ने इस घटना को बहुत गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि ऐसा होना खासतौर पर चिंता का विषय है क्योंकि यह बड़ी प्रदर्शन के कुछ घंटे पहले हुआ।
- उन्होंने पूछा कि क्या मेलोनी सरकार विपक्षी सांसदों को निवारक जांच के दायरे में लाना चाहती है। उनका कहना था कि इटली को हंगरी की तरह नहीं बनना चाहिए और इस मामले पर आंतरिक मंत्री Piantedosi से स्पष्ट बयान की मांग की।
सालिस की प्रतिक्रिया
इलारिया सालिस ने सोशल मीडिया पर लिखा कि "इटली अब एक शासन बन गया है" और इस घटना को सुरक्षा डिक्री का असर बताया। उन्होंने कहा कि सुबह-सुबह पुलिस का कमरे में आकर एक घंटे से अधिक रुकना और फिर भी लोगों को डराना अस्वीकार्य है। फिर भी उन्होंने जोश के साथ कहा कि डरना नहीं है, प्रदर्शन एक अधिकार है, और उन्होंने लोगों को आज दोपहर 2 बजे पियाज़ा देला रिपुबblica में मिलने का न्योता दिया। हेशटैग भी जोड़ा: #NoKings.
पुलिस का बयान
रोम की क्वेस्टुरा ने कहा कि यह जांच "एक दायित्व के रूप में" की गई और इसकी शुरूआत एक अन्य यूरोपीय देश से मिली रिपोर्ट के आधार पर हुई। बयान में कहा गया कि उस रिपोर्ट ने इतालवी अधिकारियों के पास आवश्यक कार्रवाई करने का कोई विकल्प नहीं छोड़ा। जांच होटल में सुबह के शुरुआती घंटों में की गई।
इसका क्या मतलब है
- घटना के दोनों पहलू मौजूद हैं: सांसद का अनुभव और पुलिस का तर्क कि कार्रवाई विदेशी रिपोर्ट के कारण अनिवार्य थी।
- विपक्षी नेता और सालिस इसे राजनीतिक दबाव और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमले के रूप में देख रहे हैं।
- क्वेस्टुरा का कहना है कि कार्रवाई प्रक्रियागत थी और उसे करने में उन्हें विवेक का विकल्प नहीं मिला।
निष्कर्ष
यह मामला अभी सवाल खड़े करता है: क्या अधिकारियों को ऐसी रिपोर्ट पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, खासकर जब लक्ष्य संसद सदस्य हों? सालिस ने लोगों से सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन में आने का आग्रह किया है, जबकि राजनैतिक दल और न्यायिक प्राधिकारी इस घटनाक्रम पर जवाबदेही और स्पष्टीकरण की मांग कर रहे हैं।