Nintendo के पेटेंट को बड़ा झटका

Nintendo का वह विवादित पेटेंट, जिसमें खिलाड़ी एक चरित्र को बुलाकर उससे लड़ाई करवाने की व्यवस्था शामिल थी, अब अमेरिका में मुश्किल में है। पेटेंट पिछले साल मंजूर हुआ था और इसमें दो तरीके बताए गए थे: एक पूरी तरह अपने-आप चलने वाला, दूसरा ऐसा जिसमें खिलाड़ी सीधे नियंत्रण करता है। जैसे ही यह सामने आया, वकीलों और पेटेंट विशेषज्ञों ने इसे लेकर भौंहें चढ़ा दी थीं। वजह भी समझने लायक थी। कई लोगों के मुताबिक यह विचार इतना सामान्य था कि इसे कानूनी सुरक्षा देना थोड़ा ज़्यादा ही उदार फैसला लगता था।

USPTO ने सभी 26 दावे खारिज किए

GamesFray के मुताबिक, US Patent and Trademark Office के परीक्षक ने मार्च 2026 में इस पेटेंट के सभी 26 दावों को खारिज कर दिया। निष्कर्ष साफ था: इनमें से कोई भी दावा इतना नया नहीं है कि उसे कानूनी संरक्षण दिया जाए।

दिलचस्प बात यह है कि परीक्षक को इस नतीजे तक पहुंचने के लिए किसी वीडियो गेम को छूने की भी जरूरत नहीं पड़ी। पूरा मामला चार पहले दायर पेटेंट आवेदनों पर टिका था। इनमें से दो खुद Nintendo ने दाखिल किए थे, जबकि बाकी दो Konami और Bandai Namco के थे। यानी तर्क यह बना कि जिस मैकेनिक पर पेटेंट मांगा गया, वह इतना आम है कि उस पर मालिकाना हक जताना मुश्किल है।

USPTO ने पहले ही शक जता दिया था

USPTO के निदेशक ने नवंबर 2025 में ही इस पेटेंट पर संदेह जताते हुए औपचारिक पुनर्विचार का आदेश दे दिया था। पेटेंट विशेषज्ञों के मुताबिक यह कदम बेहद दुर्लभ होता है। फिर जो समीक्षा हुई, उसमें एक-एक कर सभी दावे गिर गए।

दांव सिर्फ Nintendo का नहीं है

यह फैसला सिर्फ Nintendo तक सीमित नहीं है। कंपनी ने 2024 में जापान में Pocketpair, यानी Palworld के डेवलपर, पर मुकदमा दायर किया था। इसी कारण यह पेटेंट व्यापक चिंता का केंद्र बन गया था। सवाल यह था कि क्या बड़े पब्लिशर ऐसे चौड़े और धुंधले पेटेंट का इस्तेमाल करके छोटे स्टूडियो पर दबाव बना सकते हैं, खासकर तब जब उनके गेम में मिलते-जुलते मैकेनिक्स हों।

अभी कहानी खत्म नहीं हुई है

फिलहाल यह फैसला अंतिम नहीं है। Nintendo अब इस निर्णय पर जवाब दे सकता है और इसे चुनौती भी दे सकता है। यानी यह मामला अभी कुछ और महीनों तक खिंच सकता है। पेटेंट विवादों में समय ही शायद सबसे भरोसेमंद किरदार है।