क्या हुआ
Epic Games के CEO Tim Sweeney ने उस स्थिति पर माफी मांगी है, जिसमें कंपनी की हालिया छंटनी का असर Mike Prinke पर पड़ा। Prinke Epic के कर्मचारी हैं और टर्मिनल ब्रेन कैंसर के इलाज से गुजर रहे हैं।
Sweeney ने X पर जवाब देते हुए कहा कि Epic, Prinke के परिवार के संपर्क में है और बीमा से जुड़ी समस्या को सुलझाया जाएगा। उन्होंने यह भी माना कि छंटनी के फैसले में मेडिकल जानकारी को ध्यान में नहीं रखा गया, लेकिन कंपनी को यह स्थिति पहले पहचान लेनी चाहिए थी और पहले ही इसे संभाल लेना चाहिए था।
छंटनी की वजह क्या बताई गई थी
पिछले हफ्ते Epic ने 1,000 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की थी। कंपनी की वेबसाइट पर प्रकाशित नोट में Sweeney ने कहा कि यह कदम 2025 में Fortnite की सक्रियता में आई गिरावट और कंपनी के अपनी आय से काफी ज्यादा खर्च करने की वजह से उठाया गया। उनके मुताबिक, यह छंटनी, साथ ही कॉन्ट्रैक्टिंग, मार्केटिंग और खाली पदों में पहचाने गए 50 करोड़ डॉलर से ज्यादा की बचत, व्यवसाय को स्थिर करने के लिए थी।
Epic ने कहा था कि प्रभावित कर्मचारियों को कम से कम चार महीने का बेस वेतन मिलेगा, और वरिष्ठता के आधार पर इससे ज्यादा भी मिल सकता है। इसके साथ कंपनी की ओर से बढ़ाई गई स्वास्थ्य बीमा सुविधा भी दी जाएगी। अमेरिका में इसका मतलब छह महीने की पेड हेल्थकेयर कवरेज बताया गया था।
लेकिन Mike Prinke के मामले में यह पर्याप्त नहीं रहा। उनकी पत्नी Jenni Griffin ने बताया कि नौकरी जाने के बाद परिवार ने उनका जीवन बीमा खो दिया, और कैंसर अब पहले से मौजूद बीमारी मानी जा रही है, इसलिए नई कवरेज मिलना भी संभव नहीं रहा।
Griffin के मुताबिक, Prinke का निदान कंपनी के भीतर अज्ञात नहीं था। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के साथ वह काम करते थे, वे उनके इलाज और लगातार होने वाली मेडिकल अपॉइंटमेंट्स से वाकिफ थे। Prinke Epic की UE डॉक्यूमेंटेशन टीम में Technical Writer थे और API रेफरेंस, प्लेटफॉर्म तथा प्रोग्रामिंग डॉक्यूमेंटेशन पर काम करते थे।
व्यापक संदर्भ
यह पिछले लगभग तीन साल में Epic की दूसरी बड़ी छंटनी है। इससे पहले 2023 में कंपनी ने 830 नौकरियां खत्म की थीं।
कुल मिलाकर, अच्छा है कि Sweeney और Epic अब मामले को ठीक करने की बात कर रहे हैं। लेकिन यह भी साफ करता है कि छंटनी की प्रक्रिया कितनी दूर से चल रही थी। एक मरते हुए कर्मचारी, जिसने आपकी अरबों डॉलर की कंपनी में सात साल बिताए, उसके बीमा की व्यवस्था पहले ही संभाल लेना शायद इतना मुश्किल नहीं होना चाहिए था। मगर जाहिर है, कभी-कभी यह बात भी बाद में याद आती है।