दुबई में हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग अपना सामान भी संभालते संभालते पालतू भूलकर चले जा रहे हैं। मध्य पूर्व की बढ़ती तनाव के बीच हजारों कुत्ते, बिल्ली और अन्य पालतू जानवर शहर में अनाथ जैसे रह गए हैं।
किस तरह की समस्या है?
पालतू जानवरों को छोड़कर भागने की खबरें कई एनिमल चैरिटी और शेल्टर्स से आ रही हैं। रिस्क यह है कि ये जानवर ‘‘छिपे हुए पीड़ितों" बन जाएं: मालिकों की जल्दीबाजी में जानवरों की क्या हुई, यह अक्सर पता ही नहीं चलता।
कुछ गिने-चुने तथ्य
- कुछ देशों ने लोगों को निकालने के लिए आकस्मिक उड़ानें चलाईं, और मार्च के बाद से लाखों क्षेत्र से लोग निकले हैं, जिनमें बड़ी संख्या ब्रिटिश नागरिकों की भी बताई गई है।
- कुछ शेल्टर्स और रेस्क्यू ग्रुप्स भरने की कगार पर हैं; हर दिन नए पशु छोड़ने की रिपोर्ट आ रही है।
- एक स्थानीय शाखा के प्रमुख ने बताया कि कई जानवर माइक्रोचिप्ड थे और कभी प्यार से रखे गए थे, पर परिवार अचानक चले गए। यह रेस्क्यू वालों के लिए मन को तोड़ने वाला और जानवरों के लिए डरावना अनुभव है।
शेल्टर क्या कर रहे हैं?
कुछ एनिमल ग्रुप्स ने कहा है कि वे जितना हो सके मदद कर रहे हैं, पर संसाधन कम और आवक ज्यादा है। एक कुत्ता बचाने वाली संस्था ने कहा कि वे सभी उपाय कर रहे हैं पर शेल्टर की जगह सीमित है। दूसरी संस्था ने सोशल पोस्ट में यह बताया कि वे पूरी तरह भर गए हैं; कमरे और कोने भरे पड़े हैं, और कॉल रुकने का नाम नहीं ले रहे।
एक और शेल्टर ने साफ कहा कि रोज अनुरोध आ रहे हैं और वे आर्थिक व स्टाफ की कमी से जूझ रहे हैं।
क्या लोग अपने पालतू साथ ले जा सकते हैं?
कुछ संगठन लोगों को जानकारी और संपर्क देने की कोशिश कर रहे हैं ताकि जो चाहें, अपने पालतू साथ ले जा सकें। एक बड़ी सहायता यह भी है कि कुछ देशों के बीच समझौते हैं जिससे पालतू को वापस लाने पर लंबे क्वारंटाइन की जरूरत नहीं पड़ती। यह कदम खासकर उन लोगों के लिए मददगार है जो अचानक निकलने पर अपने जानवरों के बारे में सोचते हैं।
शहर का जवाब और कानूनी पहलू
स्थानीय नगरपालिका ने बढ़ती भटकती बिल्लियों और कुत्तों के लिए कुछ तकनीकी उपाय शुरू किए हैं, जिनमें स्वचालित फीडिंग स्टेशन शामिल हैं। साथ ही ध्यान रहे कि यहां पालतू छोड़ना अवैध है, और पकड़े जाने पर भारी जुर्माने का प्रावधान है, जो कई बार बड़ी रकम तक पहुंच सकता है।
निष्कर्ष: क्या करना चाहिए?
अगर आप किसी अनिश्चित स्थिति का सामना कर रहे हैं, तो कृपया अपने पालतू के लिए योजना बनाइए। उन्हें छोड़कर भागना आसान विकल्प लग सकता है, पर जानवरों को समझ नहीं आता कि परिवार अचानक क्यों गायब हुआ। शेल्टर्स और रेस्क्यू ग्रुप्स मदद करने को तैयार हैं, पर वे भी सीमाओं में हैं। थोड़ा सा आगे की सोच और सही जानकारी बहुत फर्क डाल सकती है।
संक्षेप में: लोग जहां जा रहे हैं, वहां अपने पालतू के बारे में भी सोचें; शेल्टर मदद कर रहे हैं पर ओवरलोड हैं।