ब्रिटेन का फैसला
कई दिनों से चल रही बहस, जिसमें प्रधानमंत्री Keir Starmer भी खिंच आए थे, आखिरकार एक साफ नतीजे पर पहुँची। ब्रिटेन सरकार ने तय किया कि अमेरिकी रैपर Kanye West देश में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। जुलाई में लंदन के एक संगीत समारोह में उनके प्रस्तुति देने की योजना थी, लेकिन अब वह कार्यक्रम नहीं होगा।
सरकार का कहना है कि पिछले एक साल में West के कई यहूदी-विरोधी बयानों के बाद उनकी मौजूदगी को स्वीकार करना सार्वजनिक हित में नहीं होगा। ब्रिटिश गृह मंत्रालय ने BBC को बताया कि उन्हें पिछले साल से ही देश में आने के लिए जरूरी इलेक्ट्रॉनिक अनुमति नहीं दी गई थी।
लंदन का समारोह रद्द
West को 10 से 12 जुलाई के बीच होने वाले Wireless Festival में तीनों रातों का मुख्य प्रस्तोता होना था। लेकिन जैसे ही उनका नाम लेकर विवाद तेज हुआ, समारोह तुरंत रद्द कर दिया गया। इसके पीछे एक और कारण था। कई प्रायोजक, जिनमें Pepsi भी शामिल थी, पहले ही किनारा कर चुके थे। संगीत कारोबार में यह वही पुराना दृश्य है, जहाँ मंच से ज्यादा जल्दी अनुबंध टूटते हैं।
West पिछले दो दशकों के सबसे चर्चित हिप हॉप कलाकारों में से एक रहे हैं। हाल ही में वे उत्तरी अमेरिका में बड़े-बड़े लाइव कार्यक्रमों के साथ फिर से सुर्खियों में लौटने की कोशिश कर रहे हैं। यह वापसी उनके नए एल्बम Bully के बाद शुरू हुई, जिसे उन्होंने लंबे समय बाद एक बड़े पुनरागमन की तरह पेश किया।
विवाद की पृष्ठभूमि
उनके नाम से जुड़े विवादों की सूची इस समय इतनी लंबी है कि उसे संक्षेप में रखना ही समझदारी है। पिछले एक साल से भी कम समय पहले उन्होंने ऐसे गाने जारी किए थे जिनमें खुले तौर पर यहूदी-विरोधी बातें थीं। उन गानों में Adolf Hitler के वास्तविक भाषणों के अंश भी इस्तेमाल किए गए थे, और नाजीवाद की प्रशंसा की गई थी।
कुछ महीने पहले उन्होंने Shopify पर स्वस्तिक वाले टी-शर्ट भी बेचे थे। फिर जनवरी में उन्होंने Wall Street Journal में पूरा पेज खरीदकर यहूदियों और अफ्रीकी-अमेरिकी समुदाय पर अपने हमलों के लिए माफी माँगी। उन्होंने खुद को “गहरे दुखी” बताया और अपने व्यवहार के लिए द्विध्रुवी विकार को वजह बताया, जिसका पता उन्हें देर से चला था।
ब्रिटिश अधिकारियों के फैसले से ठीक पहले West ने कहा था कि वह ब्रिटेन में यहूदी समुदाय के लोगों से मिलना चाहेंगे। जवाब में ब्रिटेन की संस्था Campaign Against Antisemitism ने सरकार को उन्हें देश में प्रवेश से रोकने के लिए बधाई दी।
राजनीतिक दबाव भी काम आया
West की संभावित भागीदारी ने ब्रिटेन में राष्ट्रीय बहस छेड़ दी थी। लेबर पार्टी के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने इसे “गंभीर रूप से चिंताजनक” बताया था। उधर Conservatives ने भी उनकी एंट्री रोकने की माँग की थी। पार्टी का तर्क था कि इतने खराब रिकॉर्ड वाले व्यक्ति को किसी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में आने देना “गलत संदेश” देगा।
यह पहली बार नहीं है जब किसी देश ने West के लिए दरवाजा बंद किया हो। पिछले जुलाई में ऑस्ट्रेलिया ने भी उन्हें प्रवेश नहीं दिया था। उस समय वजह उनकी “Heil Hitler” नाम की एक गीत रचना थी, जिसे Apple Music, Spotify और YouTube से हटा दिया गया था।
इटली में अगला पड़ाव
अब West का अगला तय कार्यक्रम 18 जुलाई को Reggio Emilia में है। यह कई वर्षों बाद उनका इटली में पहला कंसर्ट होगा। स्थानीय स्तर पर भी प्रतिक्रिया ठंडी ही रही है। मेयर Marco Massari और नगर प्रशासन ने साफ कहा है कि Kanye West से जो बयान और व्यवहार जोड़े जाते हैं, वे शहर के नागरिक, लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों का प्रतिनिधित्व नहीं करते।
आखिरकार, मंच पर लौटने की कोशिश कर रहे कलाकार के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती संगीत नहीं, बल्कि अपने ही रिकॉर्ड से बचना है।



