बिएनेले दी वेनिस ने आज घोषणा की कि उसने संस्कृति मंत्रालय को मांगी गई सभी दस्तावेज़ें भेज दी हैं। संगठन ने साफ कहा कि किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं हुआ और रूसी संघ पर लगे प्रतिबंधों का पूरा पालन किया गया है, जैसा कि उनका दायित्व था। यह बयान खासकर रूस पविलियन की मौजूदगी को लेकर आया है।

सल्विनी का जवाब: 'रुसोफोबिया नहीं'

लीग के उपप्रधानमंत्री मत्तेओ सल्विनी ने कहा कि कला, संस्कृति, संगीत और खेल का काम लोगों और संस्कृतियों को मिलाना है, संघर्षों को बढ़ाना नहीं। उन्होंने बिएनेले की तारीफ की कि उसने अपने पवेलियनों में उन सबको बुलाया जिन्होंने अनुरोध किया, यहां तक कि वे कलाकार जिनकी रूचि अपनी सरकार से अलग है।

सल्विनी ने एक हालिया घटना का जिक्र किया जिसमें रोमन डांस फेस्टिवल ने एक प्रमुख रूसी बैले डांसर स्वेतलाना झाखारोवा का निमंत्रण रद्द कर दिया। उनका कहना था कि यह रूसी कलाकारों के खिलाफ रूढ़िपूर्ण रवैये की ओर इशारा करता है और इसे उन्होंने 'रुसोफोबिया' बताया।

सल्विनी का मर्म

  • उन्होंने माना कि रूस ने आक्रामक कार्रवाई की है और यह स्पष्ट है कि इटली यूक्रेन का समर्थन, रक्षा और वित्तीय सहायता कर रहा है।
  • फिर भी उनका तर्क था कि कलाकारों और संस्कृति को बहिष्कृत करने से युद्ध खत्म नहीं होगा।
  • उनका कहना था कि कलाकारों को दूर करने से जटिलता बढ़ेगी और समस्या हल नहीं होगी।

कुल मिलाकर, बिएनेले का बयान औपचारिक दस्तावेज़ सौंपने और नियमों के पालन पर जोर देता है, जबकि सल्विनी ने सांस्कृतिक प्रतिबंधों के विरोध में अपनी राय रखी। दोनों पहलू सार्वजनिक बहस का हिस्सा बने हुए हैं और दर्शक-नागरिक इसे अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं।