AI ने पहचान बताई, पुलिस ने हथकड़ी लगा दी
टेनेसी की 50 वर्षीय दादी एंजेला लिप्स को 14 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया गया। आरोप नॉर्थ डकोटा में हुए एक बैंक धोखाधड़ी मामले से जुड़े थे, जबकि लिप्स का कहना था कि वह उस राज्य में कभी गई ही नहीं। उनके मुताबिक, उन्होंने तो पड़ोसी राज्यों तक का सफर भी नहीं किया था। छोटी-सी बात लगती है, लेकिन पुलिस ने इसे जांचने से पहले हथकड़ी पहनाना ज्यादा आसान समझा।
लिप्स के बयान के अनुसार, वह उस दिन चार छोटे बच्चों की देखभाल कर रही थीं, तभी “यू.एस. मार्शल्स की एक टीम” आई और उन्हें बंदूक की नोक पर गिरफ्तार कर लिया। उनके मुताबिक, न तो कोई फोन आया, न किसी ने पूछताछ की। पुलिस सीधे पहुंची, हथकड़ी लगाई और उन्हें ले गई।
किस मामले में नाम आया
यह मामला फर्गो, नॉर्थ डकोटा के बैंकों में हुई लूट या धोखाधड़ी की जांच से जुड़ा था। आरोप था कि एक महिला ने नकली सैन्य पहचान-पत्र का इस्तेमाल करके कई बैंकों से हजारों डॉलर निकाले।
स्थानीय अधिकारियों ने निगरानी फुटेज को Clearview AI नाम के AI चेहरे की पहचान वाले सॉफ़्टवेयर में डाला। CNN के मुताबिक, इसी सॉफ़्टवेयर ने लिप्स को एक संभावित संदिग्ध के रूप में पहचाना। पुलिस प्रमुख डेव ज़िबोल्स्की ने कहा कि वह इस प्रोग्राम से अनजान थे और उन्होंने बताया कि वह इसके इस्तेमाल की इजाज़त नहीं देते। बाद में उन्होंने कहा कि इस तकनीक पर रोक लगा दी गई है।
यानी, एक AI टूल ने “मिलते-जुलते चेहरे” के आधार पर इशारा किया, और उसके बाद सिस्टम ने बाकी काम अपने आप कर दिया। इंसानी सावधानी बस किनारे बैठी रही।
पांच महीने जेल, फिर पांच मिनट में मामला ढेर
लिप्स ने बताया कि उन्हें जांच पूरी होने तक पांच महीने से ज्यादा जेल में रखा गया। उनके मुताबिक, 108 दिन वे टेनेसी की काउंटी जेल में रहीं, जमानत नहीं थी, उनसे किसी ने पूछताछ नहीं की, और इस दौरान उन्हें अपने डेन्चर तक हासिल नहीं हो सके।
एक सत्यापित GoFundMe अभियान के अनुसार, लिप्स ने कहा कि वह नॉर्थ डकोटा तो क्या, आसपास के किसी भी राज्य में नहीं गई थीं और उन्होंने कभी हवाई जहाज़ में सफर भी नहीं किया था।
30 अक्टूबर को उन्हें मुकदमे के लिए नॉर्थ डकोटा ले जाया गया। लिप्स के मुताबिक, यह उनका पहला विमान सफर था और वे बेहद डरी हुई थीं।
जब आखिरकार उन्हें अपना बचाव करने का मौका मिला, तो उनका कहना था कि “पूरा मामला पांच मिनट में ही बिखर गया।” उनके बैंक रिकॉर्ड्स से साबित हो गया कि अपराध के समय वह टेनेसी में थीं।
नतीजा और आगे की स्थिति
आरोप क्रिसमस ईव पर खारिज कर दिए गए। लिप्स ने कहा कि उन्हें सर्दियों के बीच गर्मियों के कपड़ों में सड़क पर छोड़ दिया गया, और उन्हें घर लौटने के लिए कोई सवारी भी नहीं दी गई।
उनके अनुसार, पांच महीने से ज्यादा की इस कैद में उन्होंने “सब कुछ खो दिया”। परिवार ने उनके सामान को स्टोरेज में रखा, लेकिन बिल भरना संभव नहीं हो सका। इसके साथ ही उन्होंने अपनी किराये की जगह, सोशल सिक्योरिटी इनकम, स्वास्थ्य बीमा, कुत्ता और कार भी खो दी।
रिपोर्ट के मुताबिक, लिप्स के वकील अब नागरिक अधिकारों से जुड़े दावों पर विचार कर रहे हैं, हालांकि अब तक कोई मुकदमा दायर नहीं किया गया है।